असली लोग असली अनुभव – क्या औरतों के कैरियर की कोई महत्ता नहीं

असली लोग असली अनुभव – क्या औरतों के कैरियर की कोई महत्ता नहीं 

एक 24 वर्षीया विवाहित कामकाजी  युवती जो रोड पाली पनवेल ,नवी मुंबई की निवासी थी ,  हमारे एक डॉक्टर से  सलाह लेने आई।

उसको गर्भ ठहर गया था और अभी ज़्यादा समय भी नहीं हुआ था।

गर्भपात की गोलियां उसपर असर कर सकती थीं।

पर पति तो साथ नहीं थे।

पूछने पर बताया की उन्होंने कलकत्ता शहर ट्रान्सफर लिया हुआ है क्योंकि उनकी कम्पनी ने उन्हें प्रमोशन दिया।

ये लो ! पत्नी के साथ रहना छोड़ दो प्रमोशन नहीं।

अब पत्नी का भी प्रमोशन होने वाला है पर गर्भधारण की अवस्था में वह उसे हाँ नहीं कह सकती।

उसे भी अपना कैरियर बहुत प्यारा है।

पर पति क्या और माँ बाप क्या सब उसे हैरान कर रहे हैं और प्रमोशन छोड़ सिर्फ गर्भ /बच्चा पैदा करने और माँ बनने की ही सलाह दे रहें हैं और मजबूर भी कर रहें हैं।

ये सही बात नहीं है – पति का कैरियर सब कुछ और पत्नी का कुछ नहीं।

उसकी बात भी नहीं सुनी जा रही।

उसके मानसिक तनाव का प्रेगनेंसी पर भी असर पड़  सकता है।